Indian Direct Selling Association News – डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों के लिए रेगुलेशंस की मांग

29may MLM Act Guideline for network marketing companies नई दिल्ली डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों के संगठन IDSA ने एमवे इंडिया के 3 ऑफिशियल्स की सोमवार को गिरफ्तारी के बाद डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों के लिए अगल रेगुलेशन बनाने की मांग की है। अभी डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां प्राइस, चिट्स एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम्स (बैनिंग) एक्ट के तहत आती हैं। मल्टी-लेवल मार्केटिंग कंपनी एमवे के तीन ऑफिशियल्स को केरल में इस एक्ट के कथित उल्लंघन के लिए दाखिल एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।  डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों के संगठन इंडियन डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन की महासचिव छवि हेमंत ने एक बयान में इस घटना को ‘बहुत निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया और सरकार से नियमों को स्पष्ट करने की मांग की. उन्होंने कहा, ‘ सरकार को डायरेक्ट सेलिंग कारोबार के माडल और

घोखाधड़ी भरी पिरामिड योजनाओं के बीच अंतर तत्काल स्पष्ट करना चाहिए क्योंकि यह फर्क न किए जाने के कारण डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों को परेशान किया जाता है.’

इंडो अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के नेशनल प्रेसिडेंट शौर्य मंडल ने कहा, ‘सरकार को देश में बिजनेस करने वाली वास्तविक डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों के लिए रेगुलेशंस बनाने की जरूरत है। ये कंपनियां आमतौर पर पोंजी स्कीमें बेचने वाली अन्य कंपनियों के साथ मिला दी जाती हैं, जैसा कि हमने पश्चिम बंगाल में देखा है। सरकार को इस मुद्दे पर ध्यान देने की जरूरत है, जिससे देश में सही विदेशी या भारतीय कंपनियों को इस तरह की मुश्किलों का सामना न करना पड़े।’ मंडल का कहना था कि चैंबर इस बारे में सरकारी अधिकारियों से मिलने पर विचार कर रहा है। गिरफ्तार की निंदा करते हुए फिक्की ने कहा कि इसकी जरूरत नहीं थी, क्योंकि कोई अपराध नहीं हुआ था। मामले को ग्राहक की शिकायत के निपटारे के तौर पर हल किया जाना चाहिए था। फिक्की के मुताबिक, ‘गिरफ्तारी से ग्लोबल बिजनेस कम्युनिटी को गलत संदेश जाएगा। इसका भारत-अमेरिका के कारोबारी संबंधों पर भी खराब असर पड़ सकता है।’ फिक्की ने बताया कि उसने इस बारे में केरल के चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखकर मामले पर दोबारा विचार करने का निवेदन किया है। ओरिफ्लेम के फाइनेंस डायरेक्टर एस सुब्रमणियम ने कहा, ‘सभी जांच में मदद कर रही किसी कंपनी के एमडी को गिरफ्तार करना ठीक नहीं है। वास्तविक डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों के लिए कानून को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। हम सरकार से जितना जल्द हो सके कानून को स्पष्ट करने का निवेदन कर रहे हैं।’ इंडियन डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन के ट्रेजरार और एवॉन इंडिया के एमडी उज्जवल मुखोपाध्याय का कहना था, ‘एमवे के साथ दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद देश में डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री में घबराहट है। हम डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री के लिए सही स्ट्रक्चर तैयार करने के मकसद से सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं और पिछले सप्ताह ही हमने इस बारे में फाइनेंस मिनिस्ट्री के अधिकारियों से मुलाकात की थी। एसोसिएशन की सेक्रेटरी जनरल छवि हेमनाथ ने कहा, ‘यह निराशाजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि डायरेक्ट सेलिंग बिजनेस और जाली पिरामिड स्कीमों के बीच स्पष्टता की कमी की वजह से उत्पीड़न जारी है। हम सरकार से तुरंत तस्वीर साफ करने का निवेदन करते हैं।’ Source-Indiatimes MLMNewspaper.com

Written by Editor in Chief

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