पैसा दोगुना करने के नाम पर ऑनलाइन ठगी से बचे।

पैसा दोगुना करने के नाम पर ऑनलाइन ठगी का चलन बढ़ता जा रहा है। हमे ऐसी लुभावनी स्कीमो से दूर रहना चाहिए। तकनीक के विकसित होने और इसका चलन बढ़ने से जहां लोगों को कामकाज में काफी सुविधाएं मिलीं, वहीं शातिर बदमाशों ने भी अपराध करने के लिए इसका धड़ल्ले से उपयोग करना शुरू कर दिया है। छोटे-मोटे अपराध से लेकर देश विरोधी गतिविधियों तक में इसका उपयोग किया जाने लगा है। इसी क्रम में ऑन लाइन ठगी खतरनाक रूप से बढ़ गई है। स्पीक एशिया का मामला ऐसी ठगी का एक उदाहरण भर है। यह गंभीर चिंता का विषय है कि एक कंपनी लंबे समय तक खुलेआम देश भर में लोगों को ठगती रही और इस पर अंकुश लगाना तो दूर सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान तक नहीं गया। ऑन लाइन सर्वे के नाम पर 2,276 करोड़ की धोखाधड़ी को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। इससे पहले भी छोटे स्तर पर ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं।जैसे राम सर्वे, स्टॉक गुरूइंडिया

अदि,अत: इनसे सीख लेनी होगी। दरअसल ऑन लाइन काम के बढ़ते चलन से साइबर अपराध का नया और विस्तृत रास्ता खुल गया है। दुर्भाग्य से इस क्षेत्र में निगरानी और गलत कार्य पर रोक लगाने के लिए अब तक कार्रवाई दूर, प्रभावी योजना तक नहीं बनाई जा सकी है। हालांकि इस दिशा में बातें खूब हो रही हैं और विशेषज्ञ लगातार इसके खतरे से आगाह कर रहे हैं। इसके बावजूद इस दिशा में ठोस प्रगति न होना खतरे की घंटी है। आंकड़े गवाह हैं कि हाल के दिनों में साइबर अपराध में बेतहाशा वृद्धि हुई है। अधिकतर मामले शर्म, बदनामी का डर या लोगों को सही जगह शिकायत करने की जानकारी न होने के कारण सामने भी नहीं आ पाते हैं। सुरक्षा एजेंसियों में इस तरह के मामले के विशेषज्ञ अभी कम हैं, ऐसे में शातिर अपराधियों के लिए राह और आसान बन गई है।

इस दिशा में गंभीरता से प्रयास करने की जरूरत है। इसके लिए कड़े कानून बनाकर निगरानी तंत्र को मजबूत करना होगा तथा सुरक्षा कर्मियों को साइबर अपराध की बारीकियों से अवगत कराकर उसकी चुनौतियों और उससे निपटने के तरीके का प्रशिक्षण देना होगा। अपराध करने वालों से सख्ती से निपटने की आवश्यकता है। इसके साथ ही लोगों को भी जागरूक कर यह समझना होगा कि वे कैसे इस तरह के अपराध से बचें। यदि इसके बाद भी दुर्भाग्य से वे इसके चंगुल में फंस जाएं तो किस तरह से इसके खिलाफ आवाज उठाकर दोषियों को सजा दिलाएं।
[स्थानीय संपादकीय: दिल्ली] Source -Jagran.com

Written by Editor in Chief

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